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Hanuman Ashtak by Hari Om Sharan video.

What is Hanuman Ashtak? / हनुमान अष्टक क्या है?

“Hanuman Ashtak” is a devotional prayer dedicated to Lord Hanuman in Hindi. Unlike a Chalisa, it consists of eight verses called “Ashtak.” These verses describe the qualities, glory, and significance of Lord Hanuman, as well as his importance to his devotees. This Ashtak is recited by the devotees of Lord Hanuman with great faith and love.

हनुमान अष्टक हिंदी में भगवान हनुमान को समर्पित एक भक्तिपूर्ण प्रार्थना है। यह अष्टक चालीसा की तरह नहीं है, बल्कि इसमें आठ श्लोक होते हैं। इन श्लोकों में हनुमान जी के गुण, महिमा और भक्तों के लिए उनके महत्व का वर्णन होता है। यह अष्टक भगवान हनुमान के भक्तों द्वारा बड़े श्रद्धा और प्रेम से पढ़ा जाता है।

Hanuman Ashtak lyrics
संकटमोचन हनुमानाष्टक

Hanuman Ashtak lyrics in Hindi & its meaning / हिंदी में हनुमान अष्टक अष्टक के बोल और अर्थ इस प्रकार हैं।

बाल समय रवि भक्षी लियो तब,

तीनहुं लोक भयो अंधियारों .

ताहि सों त्रास भयो जग को,

यह संकट काहु सों जात  न टारो .

देवन आनि करी बिनती तब,

छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो .

को नहीं जानत है जग में कपि,

संकटमोचन नाम तिहारो .

को नहीं जानत है जग में कपि,

संकटमोचन नाम तिहारो……………………… – 1

अर्थात:

बाल्यकाल में जिसने सूर्य को खा लिया था और तीनों लोक में अँधेरा हो गया था . पुरे जग में विपदा का समय था जिसे कोई टाल नहीं पा रहा था . सभी देवताओं ने इनसे प्रार्थना करी कि सूर्य को छोड़ दे और हम सभी के कष्टों को दूर करें . कौन नहीं जानता ऐसे कपि को जिनका नाम ही हैं संकट मोचन अर्थात संकट को हरने वाला .

बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि,

जात महाप्रभु पंथ निहारो .

चौंकि महामुनि साप दियो तब ,

चाहिए कौन बिचार बिचारो .

कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु,

सो तुम दास के सोक निवारो .

को नहीं जानत है जग में कपि,

संकटमोचन नाम तिहारो………………………  – 2

अर्थात:

बाली से डरकर सुग्रीव और उसकी सेना पर्वत पर आकार रहने लगती हैं तब इन्होने ने भगवान राम को इस तरफ बुलाया और स्वयं ब्राह्मण का वेश रख भगवान की भक्ति की इस प्रकार ये भक्तों के संकट दूर करते हैं .

अंगद के संग लेन गए सिय,

खोज कपीस यह बैन उचारो .

जीवत ना बचिहौ हम सो  जु ,

बिना सुधि लाये इहाँ पगु धारो .

हेरी थके तट सिन्धु सबे तब ,

लाए सिया-सुधि प्राण उबारो .

को नहीं जानत है जग में कपि,

संकटमोचन नाम तिहारो……………………… – 3

अर्थात:

अंगद के साथ जाकर आपने माता सीता का पता किया और उन्हें खोजा एवम इस मुश्किल का हल किया . उनसे कहा गया था – अगर आप बिना सीता माता की खबर लिए समुद्र तट पर आओगे तो कोई नहीं बचेगा . उसी तट पर सब थके हारे बैठे थे जब आप सीता माता की खबर लाये तब सबकी जान में जान आई .

रावण त्रास दई सिय को सब ,

राक्षसी सों कही सोक निवारो .

ताहि समय हनुमान महाप्रभु ,

जाए महा रजनीचर मरो .

चाहत सीय असोक सों आगि सु ,

दै प्रभुमुद्रिका सोक निवारो .

को नहीं जानत है जग में कपि,

संकटमोचन नाम तिहारो………………………  – 4

अर्थात:
रावण ने सीता माता को बहुत डराया और अपने दुखो को ख़त्म करने के लिए राक्षसों की शरण में आने कहा . तब मध्य रात्री समय हनुमान जी वहाँ पहुँचे और उन्होंने सभी राक्षसों को मार कर अशोक वाटिका में माता सीता को खोज निकाला और उन्हें भगवान् राम की अंगूठी देकर माता सीता के कष्टों का निवारण किया .

बान लाग्यो उर लछिमन के तब ,

प्राण तजे सूत रावन मारो .

लै गृह बैद्य सुषेन समेत ,

तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो .

आनि सजीवन हाथ  दिए तब ,

लछिमन के तुम प्रान उबारो .

को नहीं जानत है जग में कपि,

संकटमोचन नाम तिहारो………………………  – 5

अर्थात :

रावण के पुत्र इन्द्रजीत के शक्ति के प्रहार से लक्षमण मूर्छित हो जाते हैं उनके प्राणों की रक्षा के लिए हनुमान जी वैद्य सुषेन को उनके घर के साथ उठ लाते हैं . और उनके कहे अनुसार बूटियों के पहाड़ को उठाकर ले आते हैं और लक्षमण को संजीवनी देकर उनके प्राणों की रक्षा करते हैं .

रावन जुध अजान कियो तब ,

नाग कि फाँस सबै सिर डारो .

श्रीरघुनाथ समेत सबै दल ,

मोह भयो यह संकट भारो .

आनि खगेस तबै हनुमान जु ,

बंधन काटि सुत्रास निवारो .

को नहीं जानत है जग में कपि,

संकटमोचन नाम तिहारो……………………… – 6

अर्थात:

रावण ने जब राम एवम लक्षमण पर नाग पाश चलाया तब दोनों ही मूर्छित हो जाते हैं और सभी पर संकट छा जाता हैं . नाग पाश के बंधन से केवल गरुड़ राज ही मुक्त करवा सकते थे . तब हनुमान उन्हें लाते हैं और सभी के कष्टों का निवारण करते हैं .

बंधू समेत जबै अहिरावन,

लै रघुनाथ पताल सिधारो .

देबिन्हीं पूजि भलि विधि सों बलि ,

देउ सबै मिलि मन्त्र विचारो .

जाये सहाए भयो तब ही ,

अहिरावन सैन्य समेत संहारो .

को नहीं जानत है जग में कपि,

संकटमोचन नाम तिहारो………………………  – 7

अर्थात:

एक समय जब अहिरावण एवम मही रावण दोनों भाई भगवान राम को लेकर पाताल चले जाते हैं तब हनुमान अपने मंत्र और साहस से पाताल जाकर अहिरावन और उसकी सेना का वध कर भगवान् राम को वापस लाते हैं .

काज किये बड़ देवन के तुम ,

बीर महाप्रभु देखि बिचारो .

कौन सो संकट मोर गरीब को ,

जो तुमसे नहिं जात है टारो .

बेगि हरो हनुमान महाप्रभु ,

जो कछु संकट होए हमारो .

को नहीं जानत है जग में कपि,

संकटमोचन नाम तिहारो……………………… – 8

अर्थात:

भगवान् के सभी कार्य किये तुमने और संकट का निवारण किया मुझ गरीब के संकट का भी नाश करो प्रभु . तुम्हे सब पता हैं और तुम्ही इनका निवारण कर सकते हो . मेरे जो भी संकट हैं प्रभु उनका निवारण करों .

दोहा

लाल देह लाली लसे , अरु धरि लाल लंगूर .

वज्र देह दानव दलन , जय जय जय कपि सूर ..

अर्थात:

लाल रंग का सिंदूर लगाते हैं ,देह हैं जिनकी भी जिनकी लाल हैं और लंबी सी पूंछ हैं वज्र के समान बलवान शरीर हैं जो राक्षसों का संहार करता हैं ऐसे श्री कपि को बार बार प्रणाम .

संकटमोचन हनुमान अष्टक
संकटमोचन नाम तिहारो हनुमान अष्टक

Benefits of Hanuman Ashtak / हनुमान अष्टक के लाभ

Regularly reciting Hanuman Ashtak is believed to have positive effects on various aspects of your life. When chanted on Tuesdays, it is thought to help alleviate illness and bodily pains. On Saturdays, it is said to assist in overcoming even the most challenging difficulties.

Engaging in the recitation of Hanuman Ashtak can bring relief from mental distress and trauma, providing solace during troubling times. This prayer is often considered a source of strength and guidance, serving as an answer to grave difficulties, problems, and worries.

Devotees believe that Lord Hanuman is a bestower of blessings, granting “Ashta Siddhi” and “Nava Nidhi” to those who seek his favor. By regularly chanting Hanuman Ashtak, one can work towards fulfilling their deepest desires.

The recitation of Hanuman Ashtak is also thought to ward off negative influences, such as ghosts and malevolent spirits. It helps to cleanse fears and mental anxieties, and it can reduce the impact of the challenging “Shani Sade Sati” period in one’s horoscope.

This prayer is said to bring relief from severe suffering, inconveniences, and difficulties in life. It also serves as a means of seeking forgiveness for past wrongdoings, empowering individuals to avoid future misdeeds and embrace a more righteous path.

In essence, the recitation of Hanuman Ashtak fills the heart with courage and strength, encouraging one to face life’s challenges with resilience and fortitude.

हनुमान अष्टक को नियमित रूप से जाप करने से आपके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर सकारात्मक प्रभाव होने का विश्वास है। इसे मंगलवार को जपने से रोग और शारीरिक दर्दों से राहत मिलती है। शनिवार को इसे जपने से आप अपनी सबसे कठिनाईयों से भी निपट सकते हैं।

हनुमान अष्टक के जप से मानसिक तनाव की भी राहत मिलती है। यह प्रार्थना आम दुखों के समय में सांत्वना प्रदान करती है। यह जाप आधारित शक्ति और मार्गदर्शन के रूप में माना जाता है, जो गंभीर समस्याओं, परेशानियों और चिंताओं के समाधान का साधन बन सकता है।

भगवान हनुमान को “अष्ट सिद्धि” और “नव निधि” का दाता माना जाता है। हनुमान अष्टक को नियमित जप करके व्यक्ति अपनी सबसे गहरी इच्छाओं को पूरा करने की दिशा में काम कर सकता है।

इस प्रार्थना से नकारात्मक प्रभावों, जैसे प्रेत और शैतानी आत्माओं, को दूर करने में सहायता मिलती है। यह भय और मानसिक चिंताओं को दूर करता है और जन्मकुंडली में शनि के साडे साती के प्रभाव को कम कर सकता है।

यह प्रार्थना जीवन की भयानक पीड़ा, कष्ट और मुश्किलों से राहत देने में मदद करती है। यह गलत कार्यों से क्षमा मांगने के लिए भी है और व्यक्ति को आगामी काल में पाप से बचने की शक्ति प्रदान करता है।

सारांशतः, हनुमान अष्टक के जप से दिल को साहस और शक्ति से भरा होता है, जो व्यक्ति को साहस और संघर्ष के समय में सामर्थ्यवान बनाता है।

Frequently asked questions about Hanuman Ashtak


संकट मोचन हनुमान अष्टक का पाठ कब करना चाहिए?

हिंदू मान्यता के अनुसार, मंगलवार का दिन भगवान हनुमान की पूजा के लिए समर्पित है। यदि आप प्रतिदिन हनुमान अष्टक का पाठ नहीं कर सकते हैं, यदि ऐसा है, तो भी आप मंगलवार को हनुमान अष्टक का पाठ कर सकते हैं, और शनिवार भगवान हनुमान का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सबसे अच्छा दिन है।

संकटमोचन हनुमान अष्टक पढ़ने से क्या होता है?

माना जाता है कि हनुमान जयंती पर संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ करने से व्यक्ति को अपनी हर बाधा और पीड़ा से मुक्ति मिलने के साथ उसके सभी संकट दूर हो जाते हैं

क्या हम संकट मोचन रोज पढ़ सकते हैं?

हिंदू पौराणिक कथाओं में, भगवान हनुमान को ‘संकट मोचन’ के नाम से जाना जाता है, जिसका अर्थ है, एक ऐसा व्यक्ति जो सभी समस्याओं को दूर कर देता है। कहा जाता है कि हनुमान चालीसा का पाठ करने से महत्वपूर्ण लाभ होता है। हनुमान चालीसा का पाठ व्यक्ति सुबह और शाम दोनों समय कर सकता है ।

राम और हनुमान में कौन बड़ा है?

हनुमानजी को राम का सबसे बड़ा भक्त माना जाता है। हनुमान सर्वशक्तिमान और सर्वज्ञ हैं। हनुमान के बगैर न तो राम हैं और न रामायण। कहते हैं कि दुनिया चले न श्रीराम के बिना और रामजी चले न हनुमान के बिना।

हनुमानजी अभी कहां है?

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, हनुमान जी के पास अमरता का वरदान है। एक दिव्य प्राणी और भगवान शिव की दिव्य ऊर्जा के अवतार के रूप में, यह कहा गया है कि हनुमान कलियुग में समय और मृत्यु की सीमाओं को पार करते हुए गंधमादन पर्वत पर निवास करेंगे।

हनुमान जी का गुप्त मंत्र क्या है?

ओम नमो भगवते हनुमते नम:
मान्यता है कि इस मंत्र के प्रभाव से लोगों के जीवन में सुख एवं शांति आ सकती है।

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