Bajrang Baan lyrics pdf download in Hindi. बजरंग बाण पाठ हिंदी में डाउनलोड करें ।


Bajrang Baan pdf download बजरंग बाण पाठ lyrics

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बजरंग बाण पाठ

What is Bajrang Baan ? / बजरंग बाण क्या है?

The Bajrang Baan is a very important and powerful prayer dedicated to Lord Hanuman, who is highly respected in Hinduism. It’s called “Bajrang Baan” because it represents “the arrow of Bajrang Bali” or simply, “the arrow of Lord Hanuman.” Many people believe in its amazing ability to remove negativity and bring positivity into our lives. Though no one is quite certain about where it originally came from, it has become very dear to devotees who offer it with immense love and devotion to Lord Hanuman. However, many people believe that Bajrang Baan was composed by Sant Tulsidas ji.

बजरंग बाण एक शक्तिशाली प्रार्थना है जो भगवान हनुमान को समर्पित है। इसे हिंदी में “बजरंग बाण” कहा जाता है क्योंकि यह “बजरंग बली का तीर” या बस “भगवान हनुमान का तीर” दर्शाता है। इस प्रार्थना को अशांति को दूर करने और अशुभ शक्तियों का नाश करने की शक्ति माना जाता है। इसके असली मूल स्थान के बारे में कोई स्पष्टता नहीं है, लेकिन भगवान हनुमान के भक्तों के दिलों में यह विशेष स्थान बना हुआ है और वे इसे भगवान हनुमान के प्रति अटूट प्रेम और भक्ति से समर्पित करते हैं। हालांकि, कई लोग मानते हैं कि बजरंग बाण को संत तुलसीदास जी ने रचा था।

Caution: Bajrang Baan is not for everyone, know the secret.

सावधान: हर किसी को बजरंग बाण का पाठ करने की अनुमति नहीं है, इसके रहस्य को जानें।

It is said about Bajrang Baan that its use should be very judicious and is not meant for every small day to day issues. One should use it only in times of extreme difficulty otherwise, Lord Hanuman, a devotee of Lord Rama, does not forgive mistakes made during its recitation. It is prohibited to use it for minor issues.

If you want to increase your chances of success in your goals, try to choose a auspicious day like Hanuman Jayanti, Tuesday, or Saturday. Keep a decent statue or picture of Lord Hanuman before yourself to feel more connected. Regularly recite the mantra “ॐ हनुमंते नमः” (Om Hanumante Namah) to invoke his blessings. And during your worship, you can use a special mat made of Kusha grass. These practices can bring you closer to Lord Hanuman and seek his divine guidance for accomplishing your goals.

In Lord Hanuman’s worship, lighting lamps is really important. Before the puja, take five different types of grains like wheat, rice, green gram, black gram, and black sesame seeds, and soak them separately in clean Ganges water. On the day of the puja, grind these soaked grains to make a flour, and use this flour to create a special lamp, also known as a “diya.”

For the wick, take a piece of raw cotton thread and color it red. Cut the thread to the same length as your height and twist it into a wick by folding it five times. Place this specially prepared wick in the lamp and fill it with fragrant sesame oil.

Keep this lamp continuously lit during the entire puja. Make sure you have incense and fragrances available during the worship. These rituals add a beautiful touch to the worship of Lord Hanuman.

बजरंग बाण के बारे में कहा जाता है कि इसका इस्तेमाल बहुत सावधानीपूर्वक होना चाहिए और इसे रोजमर्रा की छोटी सी समस्याओं के लिए नहीं उपयोग किया जाना चाहिए। इसे तभी उपयोग करना चाहिए जब आप घोर कठिनाईयों का सामना कर रहे हों, वरना भगवान हनुमान, भगवान राम के भक्त, इसके पाठ के दौरान हुई गलतियों को क्षमा नहीं करते। इसे छोटी-मोटी मुद्दों के लिए उपयोग करना प्रतिबंधित है।

अगर आप अपने लक्ष्यों में सफलता प्राप्त करने के अवसर को बढ़ाना चाहते हैं, तो हनुमान जयंती, मंगलवार या शनिवार जैसे शुभ दिन का चयन करने का प्रयास करें। अपने सामने एक सुंदर मूर्ति या चित्र रखें ताकि आपका उससे अधिक जुड़ाव महसूस हो। नियमित रूप से “ॐ हनुमंते नमः” (Om Hanumante Namah) मंत्र का जाप करें ताकि आप भगवान हनुमान के आशीर्वाद को प्राप्त कर सकें। और पूजा के दौरान, आप कुशासन (एक विशेष घास से बना आसन) का प्रयोग कर सकते हैं। ये अनुष्ठान आपको भगवान हनुमान के करीब ले जाएंगे और आपके लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए उनके दिव्य मार्गदर्शन की खोज में मदद करेंगे।

हनुमान जी की पूजा में दीपदान का खास महत्व होता है। पूजा से पहले पांच अलग-अलग प्रकार के अनाज जैसे गेहूं, चावल, मूंग, उड़द और काले तिल, को शुद्ध गंगाजल में भिगो दें। पूजा के दिन, इन भिगोए हुए अनाजों को पीसकर दीया बनाने के लिए इस आटे का उपयोग करें, जिसे “दीया” भी कहते हैं।

बत्ती के लिए, एक टुकड़ा कच्चे सूत को ले और उसे लाल रंग में रंग दें। सूत को अपनी ऊंचाई के बराबर काट लें और उसे पाँच बार मोड़कर एक बत्ती की तरह बना लें। इस विशेष तैयार की गई बत्ती को दीये में रखें और सुगंधित तिल के तेल से भरें।

पूजा के दौरान इस दीये को निरंतर जलाएं। ध्यान दें कि पूजा के दौरान धूप और सुगंधित धूनी का विशेष व्यवस्था हो। ये अनुष्ठान भगवान हनुमान की पूजा में एक सुंदर स्पर्श जोड़ते हैं।

Bajrang Baan pdf download
बजरंग बाण पाठ

Bajrang Baan lyrics / बजरंग बाण हिंदी में इस प्रकार हैं

|| श्री बजरंग बाण ||

॥ दोहा ॥

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करैं सनमान ।
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान ॥

जय हनुमन्त सन्त हितकारी, सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ।
जन के काज विलम्ब न कीजै, आतुर दौरि महा सुख दीजै।
जैसे कूदि सिन्धु महिपारा, सुरसा बदन पैठि विस्तारा ।
आगे जाय लंकिनी रोका, मारेहु लात गई सुरलोका ।

जाय विभीषन को सुख दीन्हा, सीता निरखि परमपद लीन्हा ।
बाग उजारि सिन्धु महं बोरा, अति आतुर जमकातर तोरा ।
अक्षय कुमार को मारि संहारा, लूम लपेट लंक को जारा ।
लाह समान लंक जरि गई, जय जय धुनि सुरपुर में भई ।

अब विलम्ब केहि कारन स्वामी, कृपा करहु उर अन्तर्यामी ।
जय जय लखन प्राण के दाता, आतुर होय दु:ख करहु निपाता ।
जै गिरिधर जै जै सुख सागर, सुर समूह समरथ भटनागर ।
ॐ हनु हनु हनु हनुमन्त हठीले, बैरिहि मारू बज्र की कीले ।

गदा बज्र लै बैरिहिं मारो, महाराज प्रभु दास उबारो ।
ॐ कार हुंकार महाप्रभु धावो, बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो ।
ॐ ह्रिं ह्रिं ह्रिं हनुमन्त कपीसा, ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा ।
सत्य होहु हरि शपथ पायके, राम दूत धरु मारु जाय के ।

जय जय जय हनुमन्त अगाधा, दु:ख पावत जन केहि अपराधा ।
पूजा जप तप नेम अचारा, नहिं जानत हौं दास तुम्हारा ।
वन उपवन मग गिरि गृह माहीं, तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं ।
पांय परौं कर जोरि मनावौं, येहि अवसर अब केहि गोहरावौं ।

जय अंजनि कुमार बलवन्ता, शंकर सुवन वीर हनुमन्ता ।
बदन कराल काल कुल घालक, राम सहाय सदा प्रतिपालक ।
भूत, प्रेत, पिशाच निशाचर, अग्नि बेताल काल मारी मर ।
इन्हें मारु, तोहि शपथ राम की, राखउ नाथ मरजाद नाम की ।

जनकसुता हरि दास कहावो, ताकी शपथ विलम्ब न लावो ।
जै जै जै धुनि होत अकासा, सुमिरत होत दुसह दु:ख नाशा ।
चरन शरण कर जोरि मनावौं, यहि अवसर अब केहि गोहरावौं ।
उठु उठु चलु तोहि राम दुहाई, पांय परौं कर जोरि मनाई ।

ॐ चं चं चं चं चपल चलंता, ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमंता ।
ॐ हं हं हांक देत कपि चंचल, ॐ सं सं सहमि पराने खल दल ।
अपने जन को तुरत उबारो, सुमिरत होय आनंद हमारो ।
यह बजरंग बाण जेहि मारै, ताहि कहो फिर कौन उबारै ।

पाठ करै बजरंग बाण की, हनुमत रक्षा करै प्राण की ।
यह बजरंग बाण जो जापै, ताते भूत-प्रेत सब कांपै ।
धूप देय अरु जपै हमेशा, ताके तन नहिं रहै कलेशा ।

॥ दोहा ॥

प्रेम प्रतीतिहि कपि भजै, सदा धरै उर ध्यान ।
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान ॥

Benefits of Bajrang Baan / बजरंग बाण के लाभ

  • If you have been suffering from a serious illness for a long time, reciting the Bajrang Baan as per the rules can help you get rid of that ailment.
  • Chanting the Bajrang Baan fills us with wonderful energy and enthusiasm.
  • The Bajrang Baan is also very effective in bringing family happiness, prosperity, and destroying enemies.
  • If you have an unknown fear lurking in your mind and find yourself constantly anxious without any reason, reciting the Bajrang Baan can liberate you from this fear.

  • यदि आप लंबे समय से किसी गंभीर बीमारी का सामना कर रहे हैं, तो नियमानुसार बजरंग बाण का पाठ करने से आप उस बीमारी से निजात पा सकते हैं।
  • बजरंग बाण का जाप करने से हमें आश्चर्यजनक ऊर्जा और उत्साह की अनुभूति होती है।
  • बजरंग बाण वास्तव में परिवारिक सुख, समृद्धि, और शत्रुओं का नाश करने में भी बहुत प्रभावशाली है।
  • यदि आपके मन में अनजान डर छिपा हुआ है और आप बिना किसी कारण के भी लगातार चिंतित रहते हैं, तो बजरंग बाण का पाठ करने से आप उस भय से मुक्ति पा सकते हैं।
  • यदि आपके प्रयास निरंतर बाधाओं का सामना कर रहे हैं और सफलता नहीं मिल रही है, तो बजरंग बाण का पाठ करना एक प्रमाणिक उपाय है।

Frequently asked questions about Bajrang Baan:

बजरंग बाण की महिमा क्या है?

बजरंग बाण के श्रद्धापूर्वक उच्चारण कर लेने से जो मनुष्य शक्ति के पुंज महावीर हनुमान जी को स्थायी रूप से अपने मन में धारण कर लेता है उसके सब संकट अल्पकाल में ही दूर हो जाते हैं।

बजरंग बाण का प्रयोग कैसे किया जाता है?

बजरंग बाण पाठ के लिए निम्न नियमों का करें पालन:
बजरंग बाण पाठ के लिए सबसे पहले सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान ध्यान से निवृत होकर हनुमान जी की मूर्ति स्थापित करें।
कुश से बने आसन पर बैठकर बजरंग बाण का पाठ करें और पाठ से पहले संकल्प लें।
धूप, दीप और फूल चढ़ाते हुए पहले हनुमान जी की पूजा अर्चना करें।

हनुमान चालीसा और बजरंग बाण में क्या अंतर है?

हनुमान चालीसा से घर में सुख शांति और समृद्धि आती हैं और भूत भगाने का काम भी करता है हनुमान चालीसा। बजरंग बाण भी सेम काम करता है। इसलिए दोनों को पढ़ने से एक ही फल प्राप्त होता हैं। लेकिन पढ़ते वक्त दिल सच्चा होना चाहिए।

108 बार बजरंग बाण पढ़ने से क्या होता है?

इसके साथ ही 21 दिनों तक विधि-विधान से बजरंग बाण का पाठ करने से समस्त समस्याओं का अंत हो जाएगा और बजरंग बली की कृपा भी प्राप्त होगी। अगर आपके जीवन में लगातार कंगाली जैसे हालात बने हुए हैं तो मंगलवार से लगातार 7 दिन तक पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ करें.

लड़कियां मंगलवार का व्रत कर सकती है क्या?

पुराणों में बताया गया है कि महिलाएं और लड़कियां भी बजरंगबली की पूजा कर सकती हैं और व्रत भी रख सकती हैं। किसी भी शास्त्र में ऐसा नहीं लिखा है कि लड़कियों, महिलाओं को हनुमानजी की पूजा नहीं करनी चाहिए। लेकिन स्त्रियों को हनुमानजी को लाल वस्त्र या चोला नहीं चढ़ाना चाहिए, क्योंकि हनुमानजी आजीवन ब्रह्मचारी थे।

बजरंग बाण का पाठ कितने दिन तक करना चाहिए?

बजरंग का बाण पाठ करते समय ध्यान रखें कि शब्दों का उच्चारण साफ और स्पष्ट होना चाहिए। अगर आप किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए बजरंग बाण का पाठ कर रहे हैं तो कम से कम 41 दिनों तक यह पाठ नियमपूर्वक करें। आपको जितने दिन तक बजरंग बाण का पाठ करना हो उतने दिनों में ब्रह्मचर्य का पूर्णतया पालन करना जरूरी है।

बजरंग बाण किसने और क्यों लिखा था?

श्रीरामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीरामचरित मानस लिखने से पहले हनुमान चालीसा लिखी थी और फिर हनुमान की कृपा से ही वे श्रीरामचरित मानस लिख पाए। कहते हैं कि तुलसीदासजी ने ही बजरंग बाण भी लिखा था

बजरंग बाण कितने बजे करना चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बजरंग बाण का पाठ शुरू करने से पहले व्यक्ति को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। बजरंग बाण का पाठ रात्रि 11 बजे से 1 बजे के बीच करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इससे पहले एक चौकी पर पीला वस्त्र बिछा लें और चौकी को पूर्व दिशा में स्थापित करें।

बजरंग बाण का पाठ क्यों किया जाता है?

अगर बजरंग बाण (Bajrang Ban) का पाठ किया जाए तो इससे भक्तों को बजरंगबली (Bajrangbali) की असीम कृपा प्राप्त होती है. इस पाठ को करने से आप कई तरह की समस्याओं से निजात पा सकते हैं. हनुमान जी की कृपा पाने के लिए भगवान राम का सुमिरन करना चाहिए और नित्य हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

बजरंग बाण का क्या महत्व है?

तंत्र अनुयायियों के अनुसार बजरंग बाण राम बाण की तरह ही है। यह मानव शरीर को प्रभावित करने वाली विभिन्न बीमारियों पर काबू पाने में मदद कर सकता है । यह उन लोगों के लिए भी आदर्श है जो घरों में भूतों के डर से पीड़ित हैं। यह विभिन्न मानसिक समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है।

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